श्राद्ध

श्राद्ध

करवा चौथ का व्रत

करवा चौथ का व्रत

वास्तु से जुड़ी बहुउपयोगी बातें जो हमारे जीवन को ऊंचाई तक ले जाये

वास्तु से जुड़ी बहुउपयोगी बातें जो हमारे जीवन को ऊंचाई तक ले जाये

तुलसीदास जी और चोर

तुलसीदास जी और चोर

बाबा फरीद एक सूफी संत थे | बाबा फरीद एक सूफी संत थे, एक बार एक व्यक्ति उनके पास आया और कहा की मुझ में बहुत से बुरी आदत है

बाबा फरीद एक सूफी संत थे | बाबा फरीद एक सूफी संत थे, एक बार एक व्यक्ति उनके पास आया और कहा की मुझ में बहुत से बुरी आदत है

बुद्धि को बढ़ाने के कुछ प्रयोग

बुद्धि को बढ़ाने के कुछ प्रयोग

उत्कट अभिलाषा | कोई हमारे घर पर आता है तो हम उसके लिए अच्छे पकवान दाल चावल पूरी हलवा आदि सब कुछ तो दे सकते है

उत्कट अभिलाषा | कोई हमारे घर पर आता है तो हम उसके लिए अच्छे पकवान दाल चावल पूरी हलवा आदि सब कुछ तो दे सकते है

प्यारी माँ

प्यारी माँ

~ *आज का हिन्दू पंचांग*

~ *आज का हिन्दू पंचांग*

ध्यान Meditation

ध्यान Meditation

प्रभुजी का हंसता मुख | एक परिवार में सास और बहु थे। जो सास थी वो रोज ठाकुरजी की पूजा करती थी बड़े ही नियम और ध्यान से।

प्रभुजी का हंसता मुख | एक परिवार में सास और बहु थे। जो सास थी वो रोज ठाकुरजी की पूजा करती थी बड़े ही नियम और ध्यान से।

चीरहरण लीला और वरदान प्राप्ति  

चीरहरण लीला और वरदान प्राप्ति  

भाभी ! नेक अपना चेहरा तो देखाय दे! एक बार मथुरा के निकट एक गाँव में एक छोटी लड़की रहती थी। वृन्दावन के निकट होने के कारण वहां से बहुत लोग ठाकुर जी के दर्शन को जाते थे।

भाभी ! नेक अपना चेहरा तो देखाय दे! एक बार मथुरा के निकट एक गाँव में एक छोटी लड़की रहती थी। वृन्दावन के निकट होने के कारण वहां से बहुत लोग ठाकुर जी के दर्शन को जाते थे।

*ब्राह्ममुहूर्त में उठन के लाभ

*ब्राह्ममुहूर्त में उठन के लाभ

आवश्यक मंत्र | हम जब भी सुबह उठते हैं तो सबसे पहले हमें अपने दोनों हथेलियों को देखकर ये मन्त्र बोलना चाहिए

आवश्यक मंत्र | हम जब भी सुबह उठते हैं तो सबसे पहले हमें अपने दोनों हथेलियों को देखकर ये मन्त्र बोलना चाहिए

डर

डर

श्रीकृष्णनाम और पारस पत्थर……..

श्रीकृष्णनाम और पारस पत्थर……..

घनश्याम मनमोहन सवाँरे| उस प्रभु को क्या कहे, घनश्याम मनमोहन सवाँरे की प्रेम की कैसी कैसी अद्भुत रहस्यमयी लीला कथाएं।

घनश्याम मनमोहन सवाँरे| उस प्रभु को क्या कहे, घनश्याम मनमोहन सवाँरे की प्रेम की कैसी कैसी अद्भुत रहस्यमयी लीला कथाएं।

मुक्ति

मुक्ति

नाव किनारे पर बाँध

नाव किनारे पर बाँध

महत्वपूर्ण तिथि

महत्वपूर्ण तिथि

पांच प्रेत

पांच प्रेत

ब्रजदर्शन (काम्यवन धाम):- प्रेम की भाषा ब्रजदर्शन (काम्यवन धाम):- प्रेम की कोई भाषा नही होती ना प्रेम का कोई सीमित दायरा होता है.. ऐसे ही इस ब्रजधाम में रस का कोई अन्त ही नही, यह तो हमारी

ब्रजदर्शन (काम्यवन धाम):- प्रेम की भाषा ब्रजदर्शन (काम्यवन धाम):- प्रेम की कोई भाषा नही होती ना प्रेम का कोई सीमित दायरा होता है.. ऐसे ही इस ब्रजधाम में रस का कोई अन्त ही नही, यह तो हमारी

भक्त दमा बाई जी

भक्त दमा बाई जी

स्वस्तिक की महिमा

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मोरपंख

मोरपंख

कुछ बातें | मनुष्य जीवन के समय को अमूल्य समझकर उत्तम से-उत्तम कार्य में व्यतीत करना चाहिए

कुछ बातें | मनुष्य जीवन के समय को अमूल्य समझकर उत्तम से-उत्तम कार्य में व्यतीत करना चाहिए

श्रद्धा विश्वास | दक्षिणशेवर में एक दिन श्रीरामकृष्ण अपने एक सरल परंतु वादप्रिय स्वभाव वाले शिष्य को कोई बात समझा रहे थे

श्रद्धा विश्वास | दक्षिणशेवर में एक दिन श्रीरामकृष्ण अपने एक सरल परंतु वादप्रिय स्वभाव वाले शिष्य को कोई बात समझा रहे थे

बुरी आदत | बाबा फरीद एक सूफी संत थे, एक बार एक व्यक्ति उनके पास आया और कहा की मुझ में बहुत से बुरी आदत है उनको मैं कैसे छोड़ू ?

बुरी आदत | बाबा फरीद एक सूफी संत थे, एक बार एक व्यक्ति उनके पास आया और कहा की मुझ में बहुत से बुरी आदत है उनको मैं कैसे छोड़ू ?

दीपक जलाने की विधि

दीपक जलाने की विधि

आदर्श दिनचर्या

आदर्श दिनचर्या

असली तीर्थ

असली तीर्थ

पाप ले लों पाप ले लों

पाप ले लों पाप ले लों

गोबर की टिपकी | एक समय कान्हा गौशाला में खेल रहे थे। गौशाला में एक गोपी गोबर के तसले भरकर बार-बार ले जा रही थी,

गोबर की टिपकी | एक समय कान्हा गौशाला में खेल रहे थे। गौशाला में एक गोपी गोबर के तसले भरकर बार-बार ले जा रही थी,

नटखट कान्हा को रंगे हाथ पकड़ने के लिए

नटखट कान्हा को रंगे हाथ पकड़ने के लिए

परोपकार

परोपकार

भक्त श्री कर्मानन्द जी

भक्त श्री कर्मानन्द जी

इस बहाने हँस तो लेता हूँ

इस बहाने हँस तो लेता हूँ

परम् प्रेम | राम सीता और लक्ष्मण वन से जा रहे थे। वन का मार्ग संकरा था केवल एक ही ही मनुष्य चलने लायक छोड़ था।

परम् प्रेम | राम सीता और लक्ष्मण वन से जा रहे थे। वन का मार्ग संकरा था केवल एक ही ही मनुष्य चलने लायक छोड़ था।

सावधानी

सावधानी

साधना में ऊंचाई कैसे मिले

साधना में ऊंचाई कैसे मिले

फक्कड बाबा

फक्कड बाबा

होली के पश्चात

होली के पश्चात

जोगीदास

जोगीदास

नेत्रज्योति की रक्षा हेतु

नेत्रज्योति की रक्षा हेतु

श्री कृष्ण और राधारानी जी के पहली बार के मिलन

श्री कृष्ण और राधारानी जी के पहली बार के मिलन

कंजूस  सेठ जी के मन में आया की ठाकुर जी की पूजा करनी हैं, पर खर्चा भी नहीं करना चाहते हैं। अब क्या करें सेठ जी ?

कंजूस सेठ जी के मन में आया की ठाकुर जी की पूजा करनी हैं, पर खर्चा भी नहीं करना चाहते हैं। अब क्या करें सेठ जी ?

चन्द्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण के समय पूर्णरूप से संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है।

चन्द्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण के समय पूर्णरूप से संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है।

सरल भक्त

सरल भक्त

श्री बाँके बिहारीजी के मन्दिर में केवल शरद-पूर्णिमा के दिन ही श्री श्रीबाँके बिहारीजी वंशी धारण करते हैं। केवल श्रावण तीज के दिवस ठाकुरजी को झूले पर बैठते हैं एवं जन्माष्टमी के दिन उनकी मंगला–आरती होती हैं।

श्री बाँके बिहारीजी के मन्दिर में केवल शरद-पूर्णिमा के दिन ही श्री श्रीबाँके बिहारीजी वंशी धारण करते हैं। केवल श्रावण तीज के दिवस ठाकुरजी को झूले पर बैठते हैं एवं जन्माष्टमी के दिन उनकी मंगला–आरती होती हैं।

गोपी का प्रेम                                एक गोपी यमुनातट पर बैठकर प्राणायाम और ध्यान कर रही थी। वहाँ पर नारदजी वीणा को बजाते हुए आये तो नारदजी बड़े ही ध्यान से देखने लगे की गोपी कर क्या रही है?

गोपी का प्रेम एक गोपी यमुनातट पर बैठकर प्राणायाम और ध्यान कर रही थी। वहाँ पर नारदजी वीणा को बजाते हुए आये तो नारदजी बड़े ही ध्यान से देखने लगे की गोपी कर क्या रही है?

प्रभुजी रिश्ता | कई संत भगवान को अपना शिष्य, गुरु आदि मानते थे। एक संत वे प्रभु श्री राम को बहुत मानते थे

प्रभुजी रिश्ता | कई संत भगवान को अपना शिष्य, गुरु आदि मानते थे। एक संत वे प्रभु श्री राम को बहुत मानते थे

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